October 30, 2020
  • October 30, 2020

Method of yoga Asan and Ashtanga Yog

By on February 18, 2019 0

Method of yoga asan and Ashtanga Yog

ashtang yog

ashtang yog

आसन क्या है ? :-

Yog Asan का अर्थ है , हमारे शरीर की स्थिति यानी हम बैठना उठना जो भी करते हैं ,सभी asan ही हैं , because योग शास्त्रों के आधार पर 84 yog Asian को मुख्य माना गया है।

asano का अभ्यास शारीरिक की स्थिरता एवं द्रिढ़ता के लिए किया जाता है । asano body की एक स्थिति है , जब हम शरीर की एक स्थिति में लंबी अवधि तक बिना किसी तनाव के बिना किसी शारीरिक कष्ट के सुख पूर्वक रह सकते हैं । तब वह स्थिति Asam shidhi कहलाती है।

Method of yoga Asan and Ashtanga Yog

What is Asan?:-

Asan means that the state of our body isit, sit up, whatever is done, but all the asanas are there, but on the basis of yoga scriptures 84 postures have been considered as the main.

The practice of the asanas is done for the stability and determination of the physical body. There is a condition in the body, when we can live in a state of the body for a long period without any stress, without any physical pain. Then that position is called asana.

मंडूकासन :-

स्थति :-

दरी या कम्बल बिछा कर दोनों पैर फैला कर बठै |

विधि :-

१. वज्रासन की स्थति में आकर दोनों हाथ पीछे ले जा कर बाये हाथ की कलाई को दाये हाथ से पकडे , स्वाश छोड़ते हुये यथा शक्ति सामने झुके ,इस क्रिया को हाथ बदल कर भी करे |

२. वज्रासन में बैठ कर बायें हाथ की हथेली को पेट – नाभि पर रखे उसके ऊपर दाहिने हथेली को रखे , दोनों अगुठे मिले रहे , now स्वाश छोड़ते हुए यथा शक्ति सामने झुके ,हाथ बदल कर भी करे |

३. वज्रासन पर बैठे , फिर दोनों हाथो की मुठिया बंद कर दोनों ठुड्डियों को निचे लगाएें , कोहनियो को नाभि के अाजु बाजु रख कर यथा शक्ति सामने झुके | श्वास लेते हुये वापस आये ।

ध्यान विधि क्या है ईसे भी पढें https://mantragyan.com/dhyan-smadhi/what-is-manash-dhyan-and-best-method/

Mandukashan

Mandukashan

Manduacasan: –

Position: –

Spreads both legs by spreading the valley or blanket.

Method: –

1. After coming into the position of Vajrasana, take both hands ,behind and hold the wrist of the left hand ,with the right hand, leaving the squash as power bends in front, and also with the change of action.

2. While sitting in Vajrasana, keep the palm of the left hand on the stomach – navel, keep the right palm on top of it, leaving both the tops, leaving the squash, as power bent down and hands also change.

3. Sitting on Vajrasana Then close the hood of both hands and lower the two chin down, Kohnio was bowed down in front of the navel’s eyes as well. Come back while breathing

लाभ :-

1. अग्नाशय को सक्रीय कर मधुमेह में लाभ देता है।

2. वायु विकार घुटनों का दर्द दूर होता है।

3. चेहरे पर रक्त संचार अधिक, चेहरा कांतिमय बनता है।

4. मन की एकाग्रता बढती है।

Method of yoga Asan and Ashtanga Yog

सुप्त वज्रासन :-

shupt vajrasan

चक्रासन :-

जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं ,and दोनों पैरों को नितंब के पास सटाकर रखें then दोनों हाथों को उल्टा करके कंधों के पीछे थोड़े अंतर पर रखें । now श्वास अंदर भरकर कटिप्रदेश एवं छाती को ऊपर उठाएं ! Then धीरे – धीरे हाथ एवं पैरों को समीप लाने का प्रयत्न करें जिससे शरीर की आकृति लगभग चक्र जैसी बन जाए । धीरे-धीरे वापस लावे।

Lie down on the ground on the back and keep both feet close to the buttocks and reverse the two hands and put them on the back of the shoulders slightly. Breathing in and lift the sciatica and chest up! Gradually try to bring hands and feet closer, so that the shape of the body becomes almost like a circle. Slowly bring back

लाभ :-

1.टली हुई नाभि ठीक करने के लिए उत्तम है।

2.शरीर में लोच उत्पन्न होती है, जो जरा को दूर भगाता है।

3. शरीर में स्फूर्ति शक्ति, तेज की वृद्धि करता है ।

4. कटी पीड़ा, श्वास रोग ,सिर दर्द, नेत्र विकार में विशेष हितकारी है ।

5. हाथ पैर की मांसपेशियों को सबल बनाता है।

Benefits: –

1.The best way to fix the fixed umbilicus.

2.Elasticity arises in the body, which shifts away a bit.

3. The power in the body increases the power of fastness.

4. Patients suffering from pains, breathing disease, headaches, eye disorders are particularly beneficial.

5. Hand makes the muscles of the legs strong.

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Focus word :-

in this article Method of yoga Asan and Ashtanga Yog के कुछ asano को बताने का प्रयास किया गया है and उनके लाभ को आप को समझाने का प्रयास किया गया है ! आने वाले लेख में हम और आपको अधिक जानकारी देंगे जिससे आप अपने आध्यात्मिक विकास के लिए ashtang yog के कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स को समझ सके ! हमारे साथ जुड़े रहे।

धन्यवाद

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