October 22, 2020
  • October 22, 2020

Dhyan, Puja Ki vidhi

By on November 23, 2018 0

Dhyan, Puja Ki vidhi

Puja vidhi

Puja vidhi

Puja vidhi :-

जीस भी साधक को आसानी से ब्रम्ह ज्ञान प्राप्त करना हो नीत्य ईस Dhyan, puja Ki Vidhi का चिंतन करना चाहिये, or पुजा की श्रेष्ठ विधि अपने शरीर सहित संपूर्ण जगत को स्वपन भ्रम मानना जरूरी है, but सभी ईस माया संसार को सत्य मान कर ईसी की पाने में पच रहे है।

संपूर्ण जगत माया मय है ,एक सच्चिदानंद घन परमात्मा ब्रह्म ही सत्य तत्व है, उनके सिवा जो कुछ प्रतीत होता है। सब आत्मा है अवस्तु है,उनके सीवा कोई वस्तु है ही नही। काल और देश भी उनके अतिरिक्त and कुछ नहीं है ,एकमात्र वही है और उनका वह ज्ञान भी उन्हीं को है। वे नित्य ज्ञान स्वरूप सनातन, नीर्वीकार, असीम, अपार ,अनंत, अकल andअवनध परमानंद मय है, वे सदसद् विल्क्षन अचिंत्य नंद स्वरूप है।

Kundlini जागरण विधि ईस भी पढें https://mantragyan.com/sadhnaye/kriya-yog-kundlini-activation-mathode-in-hindi/

Like this संपूर्ण अनात्म वस्तुओं का अभाव करके उनके आनंद मय स्वरूप मे मन को जमा दें। बार -बार आनंद की चिंतन करता हुआ साधक यैसा द्रीढ निश्चय करे की वह असिम आनंद है, धुर्वानंद है, नित्या नंद है, बोध स्वरूपा नंद है, ज्ञान स्वरूपानंद है ,परमानंद है, महान आनंद है अनंत आनंद है, अजानंद है, चीनंमया नंद है, केवला नंद है, एकमात्र आनंद ही आनंद -परिपूर्नांद है । आनंद के सीवा और कुछ भी नही है।

Like this आनंद मय ब्रम्ह का चिंतन करता हुआ साधक अपने मन बुद्धि को नित्य आनंद रूप प्रमात्मा में विलीन कर दे।

Saral puja vidhi

Saral puja

If a seeker is easily able to acquire Brahma knowledge, he should contemplate the Vidhi of God Dhyan, Puja,

The whole world is Maya Maya, a Sachchidananda cube Paramatma Brahma is the only truth, whatever appears to him. All the soul is the subject matter, there is no truth in them. The time and the country are nothing more than theirs, and they have that knowledge too. They are eternal, incomprehensible, inexhaustible, immense, infinite, incomprehensible and infinite bliss, they are the members of the daily knowledge, they are the members of Vishalakshan Achintya Nand.

Dhyan, Puja Ki vidhi

In such a way, in the absence of complete non-objective things, submit the mind to their blissful form. As the contemplative meditating contemplation of pleasure, it should be resolved that it is unimaginable, it is unwise, it is Nindya nand, understanding is the nand, the knowledge is the form of bliss, bliss, great bliss is eternal bliss, Ajananda, chinmamya nand It is Kevala Nand, the only happiness is joy-love. Nand’s wife is not anything else.

In this way, the seeker meditating on the Brahman and enjoys his mind and mind, constantly merge in the form of the bliss.

Youtube :- Youtube.com/mantragyan

क्रिया योग ,ध्यान योग ,मंत्र साधना शिविर में शामिल होना चाहते है तो संपर्क करे वाट्स अप नं 7898733596 साधना विषय :- 1.क्रीया योग की उस गुप्त साधना का अभ्यास जिनका, वीडियो या लेख में बताना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। २. ध्यान की खाश तकनीक। ३. मंत्र योग की खाश विधि। ४. समाधी की गुप्त रहस्य। ५. कुंडलिनी जागरण की गुप्त और विशेष टेक्निक। 6. आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिये विशेष साधना विधि नोट :- Lockdown के बाद साधना शिविर में शामिल होकर आध्यात्मिक विकास करें । यदि आप का भाग्य में गुरु क्रपा नहीं है तो आप अभागा हैं। और गुरु दीक्षा लेकर ईस दिन गुरू मंत्र का विशेष अनुष्ठान कीया तो अभागा भी महा पुण्य वान, माहा भाग्यशाली बन जायेगा सिर्फ श्रद्धा विश्वास रखता हो !