October 22, 2020
  • October 22, 2020
sadhna kab kare-mantra gyan

Sadhna kab tak Kare

By on January 12, 2019 7

Sadhna kab tak Kare :-

बहुत सारे साधक अक्सर मुझसे पुछते है, प्रश्र करते हैं कि हम Sadhna kab tak Kare ? हमें कौन कौन सी sadhna करनी चाहिए?

Sadhna kab tak Kare-mantra gyan

Sadhna kab tak Kare

 

मेरा उन साधकों को उत्तर है कि आपको अपनी sadhna रोज करना चाहिए। हर समय,हर क्षण करना चाहिए। आपकों उसी मंत्र का जप करना है जो आपका गुरु मंत्र है। जो आपको आपके गुरु ने दिया है।

किन्तु ऐसे कुछ विशेष दिन होते हैं, उत्सव होते हैं जिन पर साधना करने का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए इन दिनों, त्योहारों, उत्सवों पर आपको अपने गुरु मंत्र का जाप अधिक से अधिक करना चाहिए। वह समय है जैसे गुरु पूर्णिमा, सुर्य ग्रहण, चन्द्र ग्रहण, अमावस्या आदी पर कुछ ऐसे विशेष संयोग बनता है कि जिन पर साधना करने का फल हजारों, लाखों गुना अधिक मिलता है।

लोगों का ये सवाल होता है कि हम sadhna कब तक करें?

जैसे उदाहरण :-

मेंने अपने आश्रम पर खेत में मक्का की फसल लगा रखीं हैं। मुझे उसकी देखभाल कब तक करना है? अरे भाई जब तक यह फल फूल ना जाए,पक ना जाए । तब तक मैं इसकी खरपत वार हटाऊगा, निदाई गुड़ाई करूंगा । यह खरपतवार बार बार उग आती है। मै लगातार उसे उखाड़ता रहता हूँ । उसके बाद भी घास निकल आता है। वो अपना काम करतीं हैं। मैं अपना काम करता हूं।

विशेष :-

तो आपको भी आप जो sadhna कर रहे हैं वो जब तक सिद्ध हो जायै, फलीभूत न हो जाए तब तक आपको अपनी sadhna करनी है। आपकों केवल एक बार में एक ही साधना करना है।जब तक आपका प्रयोजन पूर्ण न हो जाए तब तक आपको एक ही साधना करिए। एक ही मंत्र का जाप करिए। बार- बार आपको मंत्र नहीं बदलना है। आप को एक ही मंत्र का जाप करना चाहिए

जब साधक साधना करता है तो कई बार उसे वांछित परिणाम नहीं मिलता। वह असफल हो जाता है। लेकिन उसे लगातार अपनी साधना करतें रहना चाहिए।

उदाहरण :-

जब किसान अपने खेतों में फसल लगाता है, बहुत मेहनत करता है। किन्तु कई बार प्राक्रृतिक कारणों से उसकी फसल खराब हो जाती है। उसे मेहनत के मुताबिक उत्पादन नहीं होता तो क्या वह फसल बोना छोड़ देता है? नहीं न। तो उसी प्रकार आपकों भी पुर्ण श्रद्धा विश्वास,लगन के साथ अपनी sadhna करतें रहना चाहिए।

Sadhak Ka sawal

एक साधक का प्रश्र है कि क्या वह अपने घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करके पूजा करें तो उसकी साधना सफल होगी?

जवाब :-

यहां प्रश्र शिवलिंग का नहीं है कि शिवलिंग पत्थर का हो चाहे पारस का हो, चांदी का हो,सोने का हो, हीरो का हो या किसी और का। शिवलिंग किसी का भी बना हो। कोई फर्क नहीं पड़ता। फर्क पड़ता है भक्ति से, विश्वास से, श्रद्धा से,लगन से।

दूसरे साधक सवाल :-

एक साधक का प्रश्र है कि क्या वह सोने के दाने की माला से मंत्र जाप करें?

जवाब :-

मैंने कहा भाई दाने से या माला से क्या फर्क पड़ता है कि वह किस की बनी है ? चाहें माला सोने की हों, चांदी की हों, हीरो की हों,मोती की हों, या तुलसी की हों। भक्ति कि सफलता तो श्रद्धा पर निर्भर है। अगर सच्ची श्रद्धा है तो तुलसी की सस्ती माला से ही सफलता मिल जायेंगी। क्या सोने के दानों की माला बना लेने से ज्ञान हो जायेगा? नहीं न ! सब कुछ श्रद्धा विश्वास पर निर्भर करता है।

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खाश सलाह

साधना में मन को लगाना अति आवश्यक है। किन्तु मन बहुत ही चंचल होता है। सरलता से स्थिर नहीं होता। जितना प्रयत्न करोगे उतना ही ऊधम मचायेगा। मन बंदर की तरह होता है। उसे स्थिर करने के दो ही तरीके है।

1. एक ज्ञान से । यह संसार निरर्थक है, हर क्षण बदलता रहता है, परिवर्तन शील है।बदल रहा है। इस तरह मन में वैराग्य उत्पन्न किया जा सकता है जिससे मन शांत हो जाता है।

2. दूसरा तरीका है हट करके प्राणवायु को जीतने से मन स्थिर हो जाता है

अतः मन को प्राणायाम,व किर्या योग द्वार ईश्वर आराधना व सत्संग में लगाना चाहिए। आशा करता हूं कि आप को कुछ तो संही जानकारी मीला होगा sadhna kab tak Kare का जवाब समझ पढा है तो आज से ही sadhna में जूट जाये।

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क्रिया योग ,ध्यान योग ,मंत्र साधना शिविर में शामिल होना चाहते है तो संपर्क करे वाट्स अप नं 7898733596 साधना विषय :- 1.क्रीया योग की उस गुप्त साधना का अभ्यास जिनका, वीडियो या लेख में बताना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। २. ध्यान की खाश तकनीक। ३. मंत्र योग की खाश विधि। ४. समाधी की गुप्त रहस्य। ५. कुंडलिनी जागरण की गुप्त और विशेष टेक्निक। 6. आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिये विशेष साधना विधि नोट :- Lockdown के बाद साधना शिविर में शामिल होकर आध्यात्मिक विकास करें । यदि आप का भाग्य में गुरु क्रपा नहीं है तो आप अभागा हैं। और गुरु दीक्षा लेकर ईस दिन गुरू मंत्र का विशेष अनुष्ठान कीया तो अभागा भी महा पुण्य वान, माहा भाग्यशाली बन जायेगा सिर्फ श्रद्धा विश्वास रखता हो !