October 22, 2020
  • October 22, 2020

एकादशी का महत्व और व्रत विधि

By on February 15, 2019 0

एकादशी का महत्व और व्रत विधि

एकादशी महत्त्व, व्रत की विधि और एकादशी व्रत से लाभ ।

एकादशी महत्त्व, व्रत की विधि और एकादशी व्रत से लाभ ।

एकादशी व्रत महत्व

in this article ,हम एकादशी के महत्व , and एकादशी कब है ? because बारे में चर्चा करेंगे वैसे शास्त्रों में कहा जाता है कि ,जो भी व्यक्ति अगर बहुत सारे उपवास व्रत ना कर सके , तो भी एकादशी का व्रत तो करना ही चाहिए । but एकादशी का व्रत करने वाले के साथ सारी समस्या खत्म हो जाती है ।

and उनको परमात्मा के प्रति प्रेम होता है , and वह भौतिक सुखो के साथ मुक्ति भी प्राप्त करता है। so जो भी व्यक्ति अपनी समस्या हल करना चाहता है , उन्हें एकादशी का व्रत रखना ही चाहिए !

एकादशी का समय:-

15 फरवरी 2019 शुक्रवार को दोपहर 01:19 से , 16 फरवरी 2019 शनिवार को सुबह 11:02 तक एकादशी है ।

विशेष :-

16 फरवरी 2019 शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

एकादशी का महत्व और व्रत विधि

लाभ :-

1. एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ! जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

2. Because सभी साधक को Akadashi varat करना चाहिए। जो पुण्य गौ-दान ,सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

3. एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं and अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । because यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।

4. धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।

5. कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

The example परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।

भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : –

एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान ,आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

एकादशी के दिन करने योग्य

1.एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें, …….विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो 11 माला गुरुमंत्र का जप कर लें !

2.अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे !

3.ब्रम्हचर्य रहे।

4.मौन पालन करें या कम बोले।

एकादशी के दिन ये सावधानी रहे :-

महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है, एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है, लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए।

Focus word :-

एकादशी का महत्व और व्रत विधि This article Me बीतायें गए नियम के अनुसार आप आज एकादशी व्रत रखे भौतिक सुख सुविधाएं प्राप्त करें ,परमात्मा की भक्ति ,and शक्ति ,मुक्ति, प्राप्त करें,आज आप जितना ज्यादा मंत्र जाप करेंगे उतना ही आपको अधिक लाभ होगा ! Akadashi ka खास दिन है, इस दिन आप जरूर व्रत करें । this article ko share करके पुण्य लाभ भी कमायें।

क्रिया योग ,ध्यान योग ,मंत्र साधना शिविर में शामिल होना चाहते है तो संपर्क करे वाट्स अप नं 7898733596 साधना विषय :- 1.क्रीया योग की उस गुप्त साधना का अभ्यास जिनका, वीडियो या लेख में बताना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। २. ध्यान की खाश तकनीक। ३. मंत्र योग की खाश विधि। ४. समाधी की गुप्त रहस्य। ५. कुंडलिनी जागरण की गुप्त और विशेष टेक्निक। 6. आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिये विशेष साधना विधि नोट :- Lockdown के बाद साधना शिविर में शामिल होकर आध्यात्मिक विकास करें । यदि आप का भाग्य में गुरु क्रपा नहीं है तो आप अभागा हैं। और गुरु दीक्षा लेकर ईस दिन गुरू मंत्र का विशेष अनुष्ठान कीया तो अभागा भी महा पुण्य वान, माहा भाग्यशाली बन जायेगा सिर्फ श्रद्धा विश्वास रखता हो !