October 23, 2020
  • October 23, 2020

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh

By on February 14, 2019 5

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh

Khechri Mudra :-

KHECHRI MUDRA

KHECHRI MUDRA

This article में हम चर्चा करने वाले हैं ,Khechri Mudra क्या है ?

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh ,Khechri Mudra योग कि वह सशक्त मुद्रा है , जिसके अभ्यास करने से काफी सारे लाभ होते हैं ।

पहला लाभ तो यही होगा कि आपका ध्यान आसानी से लग जाएगा । आपको दिव्य रस की अनुभूति होने लगेगी , और आपका ध्यान इतनी गहराई से लगेगा कि आप आनंद ही आनंद प्राप्त करोगे , बशर्ते थोड़ा अभ्यास करने की जरूरत होती है । बेनिफिट तो काफी सारे हैं ।

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh:-

In this article we are going to discuss, what is Khechri Mudra? How to practice Khechri Mudra? Benefit from Kitchri Mudra, Khechri Mudra Yoga is a strong pose, which has many benefits from practicing.

The first benefit will be that your attention will be easily realized. You will feel the feeling of divine juice, and your meditation will feel so deeply that you will enjoy bliss, provided you need to practice a little bit. There are so many benefits.

कुंडली जागरण विधि ईसे भी पढें https://mantragyan.com/sadhnaye/kriya-yog-kundlini-activation-mathode-in-hindi/

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh

just like example:-

Khechri Mudra के अभ्यास से आप बाह्य ईंद्रीयों से रस की इच्छा असानी से खत्म हो जाएगी। दिव्य रस सह्सत्रसार से टपकता है उन्हें महसूस कर सकते हो। बगैर विषय का ही रस का आनंद प्राप्त करने लगोगे।

English :-

By the practice of Khechri Mudra, you will end up with desire for juice from external organs. Divine juice gets drip from the systolic and they can feel it. Regardless of the topic, you will begin to enjoy the juice.

खेचरी मुद्रा से लाभ

खेचरी मुद्रा से लाभ

खेचरी मुद्रा क्या है :-

What is Khechri Mudra practice and benefits? :-

उठना बैठना लेटना सारे के सारे हमारे शरीर के जो भी हाव-भाव है सभी मुद्रा के अंदर आता है , but योग में Khechri Mudra कहने का तात्पर्य होता है , कि उस दिव्य रस को अनुभूत करने की विशेष तरीका । जो दिव्य रस सह्सत्रसार से नीचे लगातार बह रहा है उसे अनुभव जीभ के माध्यम से कीया जाता है।

English :-

All of the laying of lying in our body comes in all the currencies of the body, but the meaning of Kitchri Mudra in Yoga is that it is the special way to gain that divine juice. The divine juice below the chest She is constantly flowing through her experience tongue.

Khechri Mudra से लाभ :-

Khechri Mudra की काफी सारे लाभ है जिसमें मुख्य लाभ है ,आसानी से ध्यान लग जाना है , और इतनी गहराई से ध्यान लगता है कि जितना की अन्य मुद्रा से नहीं लगता । यूं कहो तो यह ध्यान लगाने की श्रेष्ठ मुद्रा हो सकती है । दूसरा तो दिव्य रस सह्सत्रसार से टपकता है उसे बगैर विषय का ही अनुभव करना और सदा आनंद उठा सकना हैं । दूसरा तो दिव्य रस सह्सत्रसार से टपकता है उसे बगैर विषय का ही अनुभव करना और आनंद उठा सकते हैं ।

English :-

There is a lot of benefits of Khechari currency, in which there is the main advantage, it is easy to get attention, and it feels so deeply that as much as other currency does not seem. Say it so it can be the best currency to meditate. Second, the divine juice is dripping through the systolic system, without experiencing it, only experiencing the subject and can always enjoy it. Second, the divine juice is dripping through the systolic system without experiencing it and enjoying it.

खेचरी मुद्रा अभ्यास

खेचरी मुद्रा अभ्यास

Khechri Mudra अभ्यास कैसे करें:-

Khechri Mudra का अभ्यास प्रत्यक्ष गुरु के मार्गदर्शन में करना श्रेष्ठ है , क्योंकि इसमें आपको जीभ को काफी लंबी करनी होगी जीससे ध्यान के समय जीभ को पलट कर गरदन की अंतरंग हिस्से तक ले जा सकें । अगर आप इस Khechri Mudra का अभ्यास करना चाहते हैं , तो सबसे पहले आपको आपका जीभ को लंबा करना होगा ।

1. तो प्रत्येक दिन आप जीभ को कपड़ा से पकड़कर खाली पेट होने पर खींचने का अभ्यास करें , सुबह शाम ऐसा करने से 5 से 6 महीने में आपका जीभ कुछ लंबे हो जायेंगे उसके बाद आप खेचरी मुद्रा का अभ्यास कर सकते हो ।

1. Then every day you practice holding the tongue with the cloth and pulling it on empty stomach, in the morning, in the morning, after 5 to 6 months, your tongue will become a little long after that you can practice the Khechari posture.

2. इस मुद्रा के अभ्यास के लिए जीभ लंबी होनी चाहिए तो , उसके लिए आप जीभ के निचले हिस्से में जो नस है उसे आप अंगूठे के नाखून बड़ा करें ,और नाखून को साफ रखें । प्रत्येक दिन हल्की – हल्की आप उसे काटने का अभ्यास करें , जिससे आपका जीभ के नीचे का नस कट जाने से जीभ बड़ा हो जाएगा ।

English :-

2. The tongue should be long for the practice of this pose, then for that, you should increase the nail of the thumb in the lower part of the tongue, and keep the nails clean. Practicing every day lightly – you cut it, so that the tongue becomes bigger than the tongue cut off from your tongue.

3. प्रत्येक दिन जब भी आप ध्यान लगाएं तो जीभ को पलट कर आपको जीब जितना लंबा हो सके पीछे , means गर्दन के अंदर के भाग तक ले जाने का प्रयास करें और आंखें मूंदकर आप अपनी दृष्टि थर्ड आई पर केंद्रित करें ।

3. Every day whenever you look after you turn the tongue backwards, try to move the tongue as long as possible, ie try to take it to the inside part of the neck, and turning your eyes, you focus your eyes on the third eye.

गहरा ध्यान

गहरा ध्यान

KHECHRI MUDRA

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh

प्रत्येक दिन इस अभ्यास की करने से जब यह मुद्रा सिद्ध होने लगेगी तो आपको दिव्य रस के अनुभव – अनुभूत होने लगेगा !

1. पहले आपको तो खट्टे मीठे अनुभव हो सकते हैं !

2. फिर आपको दूसरा दूध का अनुभव होगा !

3.तीसरा जब फाइनल हो जाएगा घीं का अनुभव आएगा ।

4.रस में मन लगाने से लंबी अवधि तक ध्यान लगाने लगेगा।

English :-

By doing this exercise every day, when the mudra starts becoming proven, you will start experiencing the experience of divine juice!

1. First you can experience sour sweet!

2. Then you will experience second milk!

3. Third, when the finals will be experienced ghee.

4. The mind will start meditating for long period of time.

नाखुन साफ रखें

नाखुन साफ रखें

Precaution सावधानि :-

नाखुन साफ रखें । (जीभ का कटा हिस्सा न भरे इसलिये हल्दी और चुना लगा सकते हैं)

इस मुद्रा का सबसे बड़ी खतरा यही है कि योगी रसास्वाद में ही अटका रहता है ,और परमात्मा ज्ञान ,आत्मज्ञान को छोड़कर रसास्वाद में ही अटक कर रह जाता है ।

The mudra threat to this posture is that the Yogi remains stuck in the Rasaswad, and the divine knowledge remains intact in the Rasaswad except for enlightenment.

बगैर गुरु की ईस साधना को नहीं करना चाहिए, बल्कि नीचे आसान विधि जो मैं बता रहा हूं , उसको करना चाहिए क्योंकि इस विधि को करने से कई बार साधक का जुबान भी चली जाती है और अगर रसास्वाद में अटक जाए तो परमात्मा प्राप्ति हो ही नहीं सकता ।

Without the guru, this should not be done by sadhana, but the simple method below which I am telling it should be done, because doing this method often leads to the utterance of the seeker and if he gets stuck in rosasabad, then there will be no divine attainment. can .

ध्यान

ध्यान

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh

जब भी आप ध्यान करें अपने जीभ को तालु याने की जीभ को उपर जभडे में चीपका कर रखें, और दांत को आपस में टक्कराना नही चाहिए । ईस विधि से भी आप ध्यान लगाते है तो असानी से ,बगैर खतरे का ध्यान लगने लगता है।

Whenever you meditate, keep your tongue chanting the tongue of the palate on the tongue, and the teeth should not collide with each other. If you concentrate with this method, then by meditation, without the slightest danger comes the attention.

Focus Word’s :-

माना की Khechri Mudra । मुद्रा में श्रेष्ठ मुद्रा है , लेकिन इसे खतरा हो सकता है याने सिर्फ रसास्वाद के लिए श्रेष्ठ मुद्रा है। Khechri Mudra के अभ्यास से दिव्य रस का अनुभव तो होगा पर आप आत्मज्ञान से वंचित रह जाओगे ऐसा 99% साधको में देखे गया हैं ।

Suppose khechri Mudra is the best mudra , but it can be a threat, which is simply the best Mudra for rasasabad. With the practice of Khechri mudra, divine juice will be experienced, but you will remain deprived of enlightenment so that 99% of the devotees have been seen in the seekers.

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प्रत्यक्ष गुरु के मार्गदर्शन के बगैर Khechri Mudra को करना भी नहीं चाहिए। तो मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि आप साधना की ओर अग्रसर हो । और आप आत्मज्ञान प्राप्त करें । आनंद प्राप्त करें ।शांति प्राप्त करें ।अगर आप साधना शिविर में भाग लेना चाहते हो तो हमसे संपर्क कर सकते हो ।

English :-

This khechri mudra also should not be done under the direct guidance of the master. So I pray to God that you are moving towards spiritual practice. And you get enlightenment. Get happiness. Get the peace. If you want to participate in Sadhana Camp then you can contact us.

Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh

इस लेख Khechri Mudra Kya Ha Abhyash Or Labh, को साधकों में शेयर कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। अगर आपके द्वारा एक भी साधक सही रास्ते पर चलेगा तो आपको पुण्य मिलेगा । धन्यवाद

This article is Khechri Mudra what is the practice and benefits, to acquire the virtue benefit by sharing in the seekers. If you have a single seeker going on the right path then you will get virtue.

Thank you

क्रिया योग ,ध्यान योग ,मंत्र साधना शिविर में शामिल होना चाहते है तो संपर्क करे वाट्स अप नं 7898733596 साधना विषय :- 1.क्रीया योग की उस गुप्त साधना का अभ्यास जिनका, वीडियो या लेख में बताना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। २. ध्यान की खाश तकनीक। ३. मंत्र योग की खाश विधि। ४. समाधी की गुप्त रहस्य। ५. कुंडलिनी जागरण की गुप्त और विशेष टेक्निक। 6. आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिये विशेष साधना विधि नोट :- Lockdown के बाद साधना शिविर में शामिल होकर आध्यात्मिक विकास करें । यदि आप का भाग्य में गुरु क्रपा नहीं है तो आप अभागा हैं। और गुरु दीक्षा लेकर ईस दिन गुरू मंत्र का विशेष अनुष्ठान कीया तो अभागा भी महा पुण्य वान, माहा भाग्यशाली बन जायेगा सिर्फ श्रद्धा विश्वास रखता हो !