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क्रिया योग कुंडलिनी जागरण bhakti aur vedant की श्रेष्ठ विधि-mantra gyan

क्रिया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि 3

By on February 12, 2019 0

क्रिया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि 3

अगर आप सच में आध्यात्मिक विकास, कुंडलिनी जागरण करना चाहते हो तो क्रिया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि बताया जा रहा है यह लेख क्रिया योग कुंडलिनी जागरण हिन्दी में श्रेष्ठ मैथड है , कुंडलिनी एक्टिवेट की जो जानकारी दी जा रही है यह गुप्त मैथड है लेकिन साधको की सहायता के लिये प्रकाशित कीया गया है और ईस क्रिया योग कुंडली जागरण की श्रेष्ठ विधि का अनुसरण कीया है उन्हें काफी फायदा हुआ है प्रमाण जानने के लिए युटुब में साधको का अनुभव वीडियो अपलोड है देखें।

क्रिया योग कुंडलिनी जागरण bhakti aur vedant की श्रेष्ठ विधि-mantra gyan

इस नियम को पालन कीजिए और आप देखोगे कि जीवन में पहले जैसे थे वैसे आप नहीं रहोगे , यह विधि क्रिया योग का भाग 3 है , ईस विधि को करने से पहले इस 1 -2 विधि को करा है बातों को समझा है वही साधक क्रीया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि भाग 3 को करे जिन्हें पहले की बात पता है ।

क्रिया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि

आपको भी पता है कि स्कूल में डायरेक्टर आप मैट्रिक कक्षा में नहीं पहूचे थे ,ठीक यैसे ही योग में पहले नाडी शोधन , यम नियम ब्रह्मचर्य ,,,,,,,,के बाद कर सकते है उसके बाद ही आप जैसे स्कूल में मैट्रिक पास करने के लिए पहली कक्षा दूसरी तीसरी फिर उसके बाद मीट्रिक ठीक वैसे ही आप इसे पालन कीजिएगा।

अगर आपको त्रीबंध लगाने नहीं आता अगर आपको शांभवी मुद्रा करने नहीं आता तो पहले आप उसे हमारे युटुब से या पहले लेख से सीखें।

कुंडली के बारे में ईसे भी पढें https://mantragyan.com/kriya-yog/what-is-the-power-of-kundaliniand-what-are-the-methods-to-awaken-him/

क्रीया योग :- यैसी विधि जिसे करने से जीव और ब्रम्ह की एकता हो जायें ,या दूसरे शब्दों में कर कर के अक्रिय हो जाने माने आत्मा म में टीक जाने की विधि।

लाभ :-

1.आप के विचार बदल जाएगा सकारात्मक बन जायेगी।

2.आपका जगत को देखने का नजरिया बदल जाएगा,स्वप्न जगत को स्वप्न मानो गे।

3.समझने का विचार बदल जाएगा जो सत्य है वो सत्य दिखने लगेगा !

4.आपके पूरे शरीर की रोग सोक सम होने लगेगा कायाकल्प हो जाएगा ।

5. चेहरा में तेज दिखेगा ,बिल्कुल चमकता हुआ चेहरा !

6.काम,क्रोध में सम रहने की कला विकसित हो जाएगी।

7.किसी भी किताब को पढ़ने के बाद एक बार भी पढ़े तो भी पहले जो याद नहीं होता है अब याद होने लगेगा ।

8.आप का चित में समता आने लगेगा जीससे प्रभाव से आप जीवन के सभी कार्य में सफल होने लगोगे। आप अगर कोई व्यवसाय करते हो व्यवसाय में भी आप सफल होने लगोगे।

9. क्रिया योग को करने के बाद आपका मन शांत होने लगेगा आपके आत्मशक्ति बनने लगेगा आत्म विश्वास बढेगा आत्म विश्रांति प्राप्त होगा।

हाथ पैर मोडने या मरोडने को योग नहीं कहते , योग का मतलब तो आत्मा की विश्रांति दिलाने की विधि । एक विचार उठा दूसरे उठाने वाली है उसके बीच में टीक जाना है ।

पतंजलि ऋषि ने भी यही बात कहा है ,आज के लोग भले ही आसन अभ्यास को ही योग कहने लगे जबकि सच तो सब कुछ करना छोडने को योग कहते हैं।

क्रीया योग विधि :-

हमारे शरीर में 72201 नस नाड़ियों हैं जिनका उपयोग ना करने के कारण वह शांत हो चुका है इन्हें एक्टिव करना है । हमारे शरीर में जो हमने ना खाने योग्य खा रखा वह कचरा चिपक गया है चिपके हुए कचडे को साफ करने के लिए जैसे हम पानी की बोतल में पानी डालकर उसे हिला कर फेंक देते हैं , ठीक वैसे ही हम हमारे स्वास नली में हवा डालकर उसे फेंक देंगे जिससे हमारी स्वांस नली में जो कचरा है वह बाहर आ जाएगा ।

1. लेफ्ट नाक से आप हवा जोरों से लें, राइट नाक से जोरो से फेको ऐसा अब लगातार 15 बार करो 16 वीं बार हवा बाहर ही फेंक कर रोक दो और मंत्र जाप करो यानी आपने बाहर कुंभक लगा रखा है, ” त्रीबंध लगा कर के बाह्य कुंभक करके आपको मंत्र जाप करनी है”

अब आपको घुटन सी महसूस हो रही है थक गए हो तो जिस नाक से छोड़े थे उसी नाम से हवा अंदर ले लो । बगैर रेस्ट किस क्रिया को आपको लगातार करनी है।

2. अब आपको नाक बदलकर दूसरे नाक से आपको हवा लेनी है जोरो से फेकना है ऐसा आपको 15 बार करना है लगातार 16 बार को आप हवा बाहर ही रोक दो यानी बाह्य कुंभक त्रीबंध के साथ लगा लो और मंत्र जाप करो !

इस क्रिया को आपको लेफ्ट और राइट दोनों नाक से मिलाकर कम से कम 7-7 बार करनी है ! ऐसा करने से आपका शरीर गर्म हो जाएगा मूलाधार में कंपन होगा रीड की हड्डी में चींटी जैसा चलने का महसूस होगा ! इस क्रिया को 7-7 बार कर लेने के बाद आप को शांत चित बैठ जाना है याने शांभवी मुद्रा में ध्यान लगाना है !

मूलाधार में गुदगुदी होगा तो आप समझ जाइए कि आपका मूलाधार एक्टिव होना चालू हो गया है रीड की हड्डी में जहां तक आपका चींटी जैसे चलने का महसूस हो वहां तक आपके कुंडलीनी एक्टीव होना चालू हो गया है ।

इस क्रिया को नित्य आप सुबह शाम जैसा बताया गया है वैसा करें और 15 दिन में ही आपके जीवन में चमत्कार हो जाएगा आश्चर्य जनक परिणाम मीलने लगेगा और प्रत्यक्ष रूप से आप गुरू के मार्गदर्शन में ही करें या गुरू का अनुमति होना जरूरी है।

Focus word :-

क्रिया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि में बताए गए नियम के अनुसार आप नित्य साधना करें और अपने जीवन में चमत्कार महसूस करें अपने असफलताओं को खत्म करें और जीवन के सारी क्षेत्र में सफलता पायें । आसन अभ्यास तो सिर्फ प्रारंभिक है आनंदमय पाने के लिए अपने गुरू के मार्गदर्शन में साधना करनी होगी और साधना सिखना हो शिविर में शामिल होना हो तो संपर्क करें। क्रिया योग कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठ विधि श्रद्धालु साधकों तक सेयर करने का सेवा जरूर करें आपको महा पुण्य प्राप्त होगा अगर आप के माध्यम से एक आदमी भी सही साधना को सीख पाए।

मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि आपका मन क्रिया योग करने में ,साधना करने में, भक्ति प्राप्त करने में सदा लगा रहे और आप अपने गुरु का आ

शीर्वाद प्राप्त करें प्रमानंद प्राप्त करें ।

धन्यवाद

क्रिया योग ,ध्यान योग ,मंत्र साधना शिविर में शामिल होना चाहते है तो संपर्क करे वाट्स अप नं 7898733596 साधना विषय :- 1.क्रीया योग की उस गुप्त साधना का अभ्यास जिनका, वीडियो या लेख में बताना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। २. ध्यान की खाश तकनीक। ३. मंत्र योग की खाश विधि। ४. समाधी की गुप्त रहस्य। ५. कुंडलिनी जागरण की गुप्त और विशेष टेक्निक। 6. आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिये विशेष साधना विधि नोट :- Lockdown के बाद साधना शिविर में शामिल होकर आध्यात्मिक विकास करें । यदि आप का भाग्य में गुरु क्रपा नहीं है तो आप अभागा हैं। और गुरु दीक्षा लेकर ईस दिन गुरू मंत्र का विशेष अनुष्ठान कीया तो अभागा भी महा पुण्य वान, माहा भाग्यशाली बन जायेगा सिर्फ श्रद्धा विश्वास रखता हो !