October 30, 2020
  • October 30, 2020

Vastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay

By on February 25, 2019 1

Vastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay

 

आज ईस लेख में हम चर्चा करेंगे Vastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay है , क्या आप को पता है कि Washtu याने कोई विशेष पदार्थ

और आपने ये भी जरूर सुना होगा Washtu Dosh याने किसी पदार्थ में गलती जिससे हमारा जीवन में नुकसान पहुंच रहा है, उस वस्तु के माध्यम से।

प्यारे! सही बात है कि या आप समझ सकते हैं कि पांव में पहने जाने वाली वस्तु को सिर पर नहीं रखा जाता है , और सिर पर पहने जाने वाली वस्तु को पांव में नहीं रखा जाता है ,

सर पर रखने वाली चीज पगड़ी या फिर ग्रंथ होती है ,जीसे एक वास्तु कह सकते हैं ।Sampurn Washtu Dosh Gyan, Washtu Dosh Nivaran इन्ही तथ्य पर निर्भर हैं।

आप जिसे सर पर पहनते हैं उसे पैर में नहीं रखते ।

और अगर आप जीवन में बड़ी ही मेहनत की है ,एक परिवार में पांच लोग काम करने वाले हैं फिर भी बरकत नहीं हो रही ।

आप इतना पूजा करते हो। Adhyatmik जगत में आते जाते हैं , Puja करते हैं, उसके बाद भी आप को success हीं मिल रही है ।

Sampurn Washtu Dosh Gyan, Washtu Dosh Nivaran

Vastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay

निश्चित है sadhak ji जिस घर में आप रहते हैं उस घर में जैसा – होना चाहिए वैसा Vastu का स्थान नहीं होगा।

पूर्व में जो होना चाहिए वह पूर्व में नहीं होगा, उत्तर में जो होना चाहिए वह उत्तर में नहीं होगा । Vastu का एक विशेष महत्व होता है

जैसे कि जहां puja ka sthan होना चाहिए वहां puja का ही स्थान होना चाहिए । और जहां पर हमारा बिस्तर होना चाहिए वहां बिस्तर ही होना चाहिए ।

इसे हम Vastu का सुनियोजत करना या सनियोजन कहते है।

Vastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay

आपको सही तरीके से उस vastu को वहां रखना है अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं , तो उसमें vastu dosh आ जाता है । आप इसे मानिए कुछ लोगों का ऐसा मानना है, कि हम इसे नहीं मानते ।

 

तो मैं कहता हूं कि आप भोजन कर रहे हैं , और आपके सामने कोई गंदी vastu आ गई तो क्या आप भोजन कर पाएंगे? आप नहीं कर पाएंगे । तो मतलब आप मानिए की वस्तु का हमारे मन के ऊपर गहरा आघात पड़ता है , वह गहरा स्थान बना लेती है।

जिससे हमारे जीवन में बरकत नहीं होती।

 

मान लीजिए टूटा हुआ बर्तन है हम उस में भोजन करते हैं , या फिर कांच की वस्तुएं कुछ ऐसे हैं जो टूटी हुई हैं, या जंहा पर हमारे मुख्य द्वार है वहां गंदी वस्तु पड़ी रहती है ।

जहां पूजा का स्थान होना चाहिए वहां पूजा का स्थान नहीं है ।

 

हमें इसे समझना होगा , यहvastu dosh के अंदर आता है ।यहां पूजा का वृक्ष होना चाहिए वहां हमने कटीले वृक्ष लगा रखे हैं। क्योंकि आजकल ऐसा चल रहा है, मनी प्लांट वगैरह घर के आंगन में लगाए जाते हैं।

 

 

तो प्यारे! हमें समझना होगा ,vastu dosh क्या है और इससे कैसे बचे, दोष कैसे होते हैं।

देखे प्यारे! जीवन में हमें सफलता आसानी से मिल सकती है छोटी – छोटी बातें हैं जिससे हम सफल हो सकते हैं और छोटी – छोटी बातें हैं जिनसे हम असफल रह जाते हैं । लेकिन छोटी बातें हैं हम यह जान कर इसे नजर अंदाज कर देते हैं ।

देखिए सुई का काम तलवार नहीं कर सकती और तलवार का काम सुई नहीं कर सकती ।

प्यारे!

मै आपको ऐसी बातें बताने जा रहा हूं, जिनसे आप इन दोषों से मुक्त हो सकते हैं । आप अंत तक मेरे साथ बने रहे।

तो प्यारे! मैं आपको बताने जा रहा हूं ! जो Vastu है उसमें Dosh क्या है ? और Vastu dosh ka Nivaran अंत तक !

लाभ :-

1. दोषों के निवारण के बाद आपके घर में आपके कारोबार में बरकत होगा ।

2.और खुशहाली बनी रहेगी !

3. और आप काफी अच्छी उन्नति कर पाएंगे !

4. परिवार में सुख समृद्धि आयेगी।

आप परिवार में 5 सदस्य हैं पांचो कमाई करते हैं फिर भी आप बचा नहीं पा रहे हैं तो मान लीजिए आपके घर में कोई vastu dosh है ।

उस दोष के कारण आप उन्नति नहीं कर पा रहे हैं, आपके घर का निर्माण सही ढंग से नहीं हुआ है। vastu ka sthan जैसा होना चाहिए ऐसा नहीं होगा।

 

Upay : –

 

तो प्यारे! आपको मैं बताऊंगा वास्तु के संबंधित कुछ बातें आप इसको बिल्कुल सही समझिए।

आपने देखा भी होगा घर के सामने लिखा है लेकिन (but) कुछ लोग ऐसा कहते हैं कि हम इन चीजों को नहीं मानते हम Adhyatmik नहीं है, हम ऐसा ॐ नहीं लगाएंगे, हम ऐसे या वैसे घर नहीं बनाएंगे हमें क्या फर्क पड़ता है ।

एक वस्तु को ले लीजिए (suppose) ,लोहा है तो चुंबकीय तो होगा ही । पृथ्वी में है तो पृथ्वी भी चुंबकीय क्षेत्र है। इसी संदर्भ में वास्तु में बताया गया है कि हमें उस दिशा में सर रखकर कभी भी नहीं सोना चाहिए जिस दिशा मे पृथ्वी में चुंबकीय खिंचाव होता है।

यदि (if) हम उस दिशा में सिर रखकर सोते हैं तो हम अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं इसलिए इन चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए !

 

Read Now : –

1. हमें सोने के स्थान को vastu के हिसाब से दक्षिण या पूर्व करना चाहिए।

2.vastu में घर की बनावट के संदर्भ में कहा गया है कि आपका घर चकोर आकार का होना चाहिए

3. त्रिभुज आकार का घर Vastu dosh से ग्रसित होता है ,इस घर में हमेशा क्लेश बना रहेगा ।

4. इसी उपलक्ष में आगे बताया जाता है कि घर का जो मुख्य गेट बड़ा होना चाहिए ।

5.कहने का तात्पर्य है कि आपके अंदर के जो प्रवेश द्वार हैं वह छोटे हो तो भी चलेगा पर मुख्य दरवाजा बडा होना चाहिए।

6. घर की बनावट अगर चतुर्भुज आकार की हो तो ही अच्छा है लेकिन यह हो सकता है कि वह आगे से चतुर्भुज आकार में हो और पीछे से थोड़ी छोटी हो जैसे गोमुख होता है तो वह भी वास्तु के हिसाब से शुभ माना गया है सुखदायक माना गया है और शांति दायक भी है।

7. लेकिन अगर आपका घर बन चुका है और आप ऐसा कोई भी फेरबदल नहीं कर सकते तो वास्तु में कुछ ऐसे उपाय बताएंगे हैं जिससे इन दोषों का निवारण किया जा सकता है !

वह कुछ इस प्रकार है:-

घर के सामने एक स्वास्तिक चिन्ह लगाना चाहिए यह vastu dosh को दूर करता है जो भी vastu dosh है वह निवृत्त होगा।

और कई बार यह भी होता है कि वो शौचालय है वह घर के मुख्य दरबार के साथ ही बना दिया जाता है इससे भी vastu dosh उत्पन्न होता है इस बात का भी बिल्कुल ध्यान रखें ऐसा आप बिल्कुल ना करें ।

इससे कुछ इस प्रकार की ऊर्जा वहां बनेगी जो आपके घर में अशांति और झगड़े की कारण होगी।

आपके घर में किसी भी प्रकार के vastu dosh वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर के प्रवेश द्वार के सामने दर्पण लगाएं आप जब भी घर में प्रवेश करते हैं तो

आप खुद का चेहरा भी देख सकते हैं और इससे vastu dosh का निवारण भी होता है।

आप अपनी नेम प्लेट के साथ में ओम यश स्वास्तिक चींह भी लगा सकते हैं, इससे भी vastu dosh का निवारण होता है ।

छोटी-छोटी बातों को करने से आपके घर में बरकत होगी और सदा शांति बनी रहेगी और आपके आध्यात्मिक जीवन में आने वाली हर रुकावट दूर होगी और इश्वर की कृपा आप पर सदा बनी रहेगी।

ध्यान समाधि में सफलता पढ़ें https://mantragyan.com/dhyan-smadhi/dhyan-samadhi-hindi-in-success-ke-liye-saral-mathod/

 

सावधानि :-

1. कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ लोग bedroom में ईश्वर,god’ की तस्वीर लगाते हैं यह बिल्कुल गलत है !

2. कटीले वृक्ष के पौधे अपने आंगन में लगाते हैं यह vastu dosh उत्पन्न करता है!

3. घर के आंगन में हमें तुलसी (व्रंदा) का पौधा लगाना चाहिए जिसे तुलसी का पौधा भी कहते हैं !

4. मनी प्लांट जैसे कांटेदार पौधे लगाने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है !

5. मित्रों ! इस बात का विशेष ध्यान रखें की पूजा का स्थान आपके घर के आगे कोने में हो यह सर्वोत्तम होगा ।

6. कई बार ऐसा भी होता है कि हम घर के अग्नि कोण में बेडरूम बना देते हैं इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है !

7.तो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि घर के आगे कोने में पूजा स्थान ही हो।

8. साथ ही साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि पूजा का स्थान यानी पूजा रूम बैडरूम के साथ atechde ना हो।

9. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका जो बेडरूम है उसमें किसी भी देवी देवता का फोटो ना लगाएं !

10. मैंने कई बार ऐसा देखा है कि लोग बेडरूम में देवी देवताओं का फोटो लगा देते हैं यह भी vastu dosh उत्पन्न करता है।

11. बेडरूम में आप हंसते खेलते बच्चों की तस्वीरें लगा सकते हैं।

 

आगे पढ़िये

12. and bedroom में आ रहे प्रकाश पर भी विशेष ध्यान दें बैडरूम कुछ इस तरह से बना हो कि आपका बेडरूम प्रकाशमान रहे तो यह सर्वोत्तम होगा।

13. and बेडरूम ” bedroom” में सफाई होना भी अत्यंत जरूरी है becase ऐसा ना होने पर खिन्न मन होगा जिसे विकार आएगा जो आपका अनिष्ट कर सकता है।

14. मित्रों घर की बैठक कुछ इस प्रकार से हो कि आप उसमें कुछ इस तरह की तस्वीरें लगाएं जैसे पक्षी , फिश बोर्ड या फिर लोग कछुए and मछलियां भी रखते हैं यह वास्तु के हिसाब से शुभ माना जाता है।

15. रसोई घर बनाते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखें, just like वह शौचालय से अटेस्ट ना हो and रसोई घर में सदैव सफाई बनाए रखें सफाई ना होने पर विकार पैदा होगा जो एक सुखदायक जीवन में बाधा बन सकता है ।

16. इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि अगर रसोई घर में टूटे बर्तन हो तो आप रसोई घर में एक speshal स्थान बनाए यहां उन टूटे बर्तनों को रखा जाए!

17. मित्रों ! अगर हम रसोई घर की वास्तु पर विशेष ध्यान नहीं देते हैं तो घर का मुखिया चिड़चिड़ा हो सकता है and घर में अशांति फैल सकती है।

18. शौचालय बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वह पूजा घर ,किचन, बैडरूम से अटैच न हो।

19. बैडरूम से शौचालय को दूर बनाना चाहिए इससे नेगेटिव ऊर्जा आपके परिवार की वास्तु को नुकसान नहीं पहुंचाता है ।

20. तो मित्रों इस बात का विशेष ध्यान रखें शौचालय जितना दूर हो सके उतना दूर बनाएं।

 

यदि आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो निश्चित ही आपके घर में शांति बनी रहेगी ।

खाश :-

घर में एक पूजा का स्थान होना अत्यंत जरूरी है। जहां आप अपने इष्ट को याद कर सके और सुकून के कुछ पल बिता सकें जो पूर्णता आपके इष्ट को न्योछावर हो।

कहते हैं कि जिनका इष्ट मजबूत हो उनका अनिष्ट हो ही नहीं सकता।

विशेष ध्यान रखें कि आपका पूजा घर,घर की उत्तर-पूर्व दिशा में हो।

इस बात का विशेष ध्यान (special) रखें कि आपके घर के भीतर एक साथ 3 दरवाजे ना हो इससे भी vastu dosh उत्पन्न होता है ।

अगर आप के आंगन में स्थान है तो आप तुलसी का पौधा भी लगा सकते हैं, तुलसी का पौधा हर vastu dosh से आपकी रक्षा करेगा। and आपके घर में सुख बनाए रखेगा ।becose मित्रों ! अगर आपके आंगन में जगह हो तो तुलसी का पौधा जरूर लगाएं या अत्यंत शुभ होता है ।

 

Focus word :-

अब तक (till now) आपने मेरी बातों Vastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay को पड़ा इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं ईश्वर आप पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें। और यह पोस्टVastu Dosh Nivaran Ke Saral Upay इस लेख में बताए हुए Vastu dosh निवारण को आपने समझा ,

अब आप इस लेख में बताए हुए नियम के अनुसार आप साधना करते हो , and अपने वास्तु को दूर करते हो तो आपका जीवन में किसी भी पंडित ,या ज्योतिष के चक्कर लगाने की बजाय खुद ही आप अपने वास्तु को ठीक कर पाओगे ।

vastu dosh से ग्रस्त साधको में शेयर करे और पुन्य लाभ जरूर कमायें।

धन्यवाद (thanks)

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