November 25, 2020
  • November 25, 2020

Vivekananda OR Adhyatmik Success Tips

By on March 12, 2019 0

Vivekananda OR Adhyatmik Success Tips

ईस लेख में आप जायेंगे adhyatmik success tips और ईस लेख में बताये नियम को समझें तो, त्रिदेव भी आप की adhyatmik success नहीं रोक सकता , आप निश्चित ही धरती पर देव हो जाओगे। जो भी साधक adhyatmik success हासिल करा है ईशी नियम के कारण सफल होते हैं।

Vivekananda ka life

Vivekananda को swami ramkrishna उपदेश दिया था का प्रसंग है।

श्री रामकृष्ण परमहंस शिष्यों को उपदेश दे रहे थे । वह समझा रहे थे कि जीवन में आए अवसरों को व्यक्ति साहस तथा ज्ञान की कमी के कारण खो देते हैं ।

साधना में सफलता रहस्य ईसे भी पढें https://mantragyan.com/satshang-gyan/sadhna-me-success-method-and-guru-ka-mahatv/

अज्ञान के कारण उस अवसर का महत्त्व नहीं समझ पाते । समझकर भी उसके पूरे लाभों का ज्ञान न होने से उसमें अपने आप को पूरी शक्ति से लगा नहीं पाते ।

शिष्यों की समझ में यह बात ठीक ढंग से न आ सकी । तब श्री रामकृष्ण देव बोले “ नरेंद्र ! कल्पना कर तू एक मक्खी है । सामने एक कटोरे में अमृत भरा रखा है । तुझे यह पता है कि यह अमृत है , बता उसमें एकदम कूद पड़ेगा या किनारे बैठकर उसे स्पर्श करने का प्रयास करेगा ।

Vivekananda ka ans :-

” उत्तर मिला – “ किनारे बैठकर स्पर्श का प्रयास करूंगा ।

बीच में एकदम कूद पड़ने से अपने जीवन अस्तित्व के लिए संकट उपस्थित हो सकता है ।

‘ ‘ साथियों ने नरेंद्र की विचारशीलता को सराहा , किंतु परमहंस जी हँस पड़े !

Ram Krishn paramhansh :-

बोले – “ मूर्ख ! जिसके स्पर्श से तू अमरता की कल्पना करता है , उसके बीच में कूदकर , उसमें स्नान करके , सराबोर होकर भी मृत्यु से भयभीत होता है । चाहे भौतिक उन्नति हो या आध्यात्मिक , जब तक आत्मशक्ति का पूर्ण समर्पण नहीं होता सफलता नहीं मिलती । ‘ ‘ यह रहस्य शिष्यों ने उस दिन समझा ।

Vivekananda OR Adhyatmik Success Tips

हम भी यही गलती करते हैं की गुरू हमे ज्ञान तो दे but हम अपनी अहंकार को नहीं छोडेंगे। हम ईश्वर को पाना तो चाहते हैं पर अपनी जाति, धर्म, कुछ जाने हुये भौतिक ज्ञान का अहं, छोडना नहीं चाहते।

काम विकार, क्रोध, लोभ, मोह, राग, द्वेष ईन सब को छोड़ने से ही गुरू तत्व यानी ईश्वर को पा सकते हैं।

साधारण शब्दों में गरीब नवाज अपनी क्रपा उन साधको को देते हैं जो गरीब हो ।

गरीब का अर्थ :-

जीन साधक में मै मेरे का अहं ना हो षट् विकारों की अमीरी न हो। अपने गुरू, दाता, ईश्वर के प्रति निष्ठावान हो, समर्पण हो वही साधक, भक्त या शिष्य अमरीत पान का अधिकारी है।

इंसान के लिए कोई भी कार्य असम्भव नही है ,यदि वह ढृड संकल्प हो तो असम्भव को भी सम्भव कर सकता है।

swami vivekanand

वह सभी को समझा सकता है ,कठिन परिस्थितियों मे सभी को उपदेश देता है संसार तो नाशवान है ,इससे कैसा मोह परन्तु जहाँ अपने पर बात आती है अर्थात जहाँ अपने मन को समझाने की बात ,अपने मन को गुरू मे सम्पूर्ण समर्पित होने की बात आती है ,वहाँ वह कमजोर पड जाता है।

सबसे कठिन कार्य अपने-अपने मन को समझाना है।

गरीब बनना है।

यदि अपने मन को समझा लिया या साध लिया यानि मंत्र, गुरू पर श्रद्धा कर लिया तो सब को साध लिया।

यही कार्य कठिन है ,सब के लिए दूसरो को उपदेश देने में अधिकतर लोगों को लगता है कि वो समझा सकता है ,पर अपने पर या अपने मन के हाथो इंसान कमजोर पड़ जाता है।

Success कैसे मीले :-

सबसे पहले हमे अपने मन को साधना है मन को अपने वश मे करना होगा। तभी हम अपने आप को दिशा दे पाएंगे ।
लेकिन हम् अपने मन को ही नही समझा सकते है अपने मन के ही गुलाम बने रहते है तो—
क्या हम् दूसरों के भीतर परिवर्तन मात्र शब्दों से ला सकते है ❓❓

महात्मा बुद्ध हो या स्वामी विवेकानन्द हो या मीराबाई हो या कबीरदास इन सभी ने पहले स्वयं के भीतर सत्य को जानकर अपने मन को जीत कर उसके बाद ही समाज के भीतर बैठी गन्दगी को साफ करने निकले। इन्होंने केवल शब्द नही परोसे समाज को बल्कि समाधान भी दिए थे।

आज शब्दों की झड़ी तो बरस रही है लेकिन समाधान नही, क्योंकि जब लोगों को अपने मन के विजय करने की विधि नही पता तो समाज मे बदलाव नही आ सकता है ,लोग कहते है हम् सुधरेंगे तो जग सुधरेगा लेकिन हम् सभी को प्रत्येक मानव को यह कहना होगा, मैं सुधरूँगा तो जग सुधर जाएगा ,लेकिन इस मैं को अपने भीतर मिटाना होगा क्योंकि यही मैं अहंकार का प्रतीक है और इसका बढ़ावा हमारा स्वयं का मन करता है ,और इसी मन को जीतने के लिए हमारे

महापुरुष कहते है—

मन के हारे हार है होता है, और मन के जीतने से जीत होता है ।

सवाल

लेकिन प्रश्न है हम् अपने मन को कैसे जीते❓ ये कठिन कार्य कैसे हल् करे !
केवल शब्दों के झड़ी से या कोई और साधन है ।

जवाब :-

अपने अहंकार को खोने दें, गुरू बनायें नहीं गुरू का बन जायें।

Focus Word

Vivekananda OR Adhyatmik Success Tips लेख में बताये विधि आपका जीवन बदलने की पुरी क्षमता रखता है। सफलता आपका कदम चुमेगी आपको अपने कर्म के प्रति निष्ठावान होना होगा। और अध्यात्मिक ऊंचाई के लिए ज्ञान प्राति के लीये गुरू में पुर्ण समर्पित होना होगा । अपने गुरू के बताये मंत्र, साधना में पुर्ण श्रद्धा और विश्वास करें और ज्ञान पायें।

मै परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ आप का मन साधना में अपनी गुरू में लगा रहे। Vivekananda OR Adhyatmik Success Tips लेख अन्य साधको में शेयर करे और पुन्य लाभ जरूर कमायें ।

Thank you

क्रिया योग ,ध्यान योग ,मंत्र साधना शिविर में शामिल होना चाहते है तो संपर्क करे वाट्स अप नं 7898733596 साधना विषय :- 1.क्रीया योग की उस गुप्त साधना का अभ्यास जिनका, वीडियो या लेख में बताना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। २. ध्यान की खाश तकनीक। ३. मंत्र योग की खाश विधि। ४. समाधी की गुप्त रहस्य। ५. कुंडलिनी जागरण की गुप्त और विशेष टेक्निक। 6. आर्थिक और आध्यात्मिक विकास के लिये विशेष साधना विधि नोट :- Lockdown के बाद साधना शिविर में शामिल होकर आध्यात्मिक विकास करें । यदि आप का भाग्य में गुरु क्रपा नहीं है तो आप अभागा हैं। और गुरु दीक्षा लेकर ईस दिन गुरू मंत्र का विशेष अनुष्ठान कीया तो अभागा भी महा पुण्य वान, माहा भाग्यशाली बन जायेगा सिर्फ श्रद्धा विश्वास रखता हो !